विपरीत परिस्थितियों में श्रीराम को याद करते थे गांधी: प्रो. शिवशंकर

आगरा कॉलेज मैदान में चल रहे आगरा साहित्य उत्सव में गुरुवार को 20वीं सदी के प्रमुख वैचारिक अधिष्ठान विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी गांधी, सुभाष चंद्र बोस, डॉ. हेडगेवार, पं. दीनदयाल उपाध्याय, डॉ. भीमराव आंबेडकर और लोहिया जैसे महापुरुषों के इर्दगिर्द घूमती रही।


 

मुख्य वक्ता दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. शिवशंकर अवस्थी ने कहा कि अंग्रेज हमें एक देश नहीं, उपमहाद्वीप मानते थे। गांधी जी ने हमें एक सूत्र में बांधा और बताया कि हम एक देश और एक संस्कृति हैं।

उन्होंने कहा कि गांधी जी के कुल देवता श्रीराम थे। हमेशा विपरीत परिस्थिति में वह श्रीराम का ही स्मरण करते थे। डॉ. रजनीत त्यागी ने डॉ. हेडगेवार और पं. दीनदयाल उपाध्याय के जीवन पर प्रकाश डाला। संचालन डॉ. सुषमा सिंह ने किया।