प्रश्न: भारी मृदा में प्रति हेक्टेयर गेहूं में खाद की मात्रा क्या होगी (नकली सिंह, रामपुर मनिहारन)।
उत्तर: भारी मृदा में प्रति हेक्टेयर में 60 किग्रा नाइट्रोजन (132 किग्रा यूरिया) की टॉप डेऊसिंग पहली सिंचाई के 4-5 दिन बाद प्रयोग करें।
प्रश्न: गेहूं में चूहों के प्रकोप से कैसे बचें (अमन अहलावत, शामली)।
उत्तर: अगर गेहूं की फसल में चूहों का प्रकोप हो गया है तो फास्फाइड से बने चारे या एल्युमिनियम फास्फाइड की टिकिया बनाकर चूहों के बिल के आस-पास रख दें।
प्रश्न: सरसों में सफेद गेरुई के लक्षण दिखाई दें तो कैसे बचाव करें (फूले सिंह, गंगोह)
उत्तर: यदि सरसों की फसल में सफेद गेरुई या झुलसा रोग का प्रकोप हो गया है तो मेटालैक्सिल 80 प्रतिशत, मेन्कोजेब 64 प्रतिशत की 1.25 किग्रा मात्रा को 80 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव कर दें।
प्रश्न: चने में फूल आने से पहली सिंचाई कर सकते हैं क्या (प्रहलाद सिंह, नगीना)।
उत्तर: अगर हल्की दोमट मिट्टी है और उसमें चने की फसल उगाई जा रही है तो पहली सिंचाई कर सकते हैं।
उत्तर: यदि सरसों की फसल में सफेद गेरुई या झुलसा रोग का प्रकोप हो गया है तो मेटालैक्सिल 80 प्रतिशत, मेन्कोजेब 64 प्रतिशत की 1.25 किग्रा मात्रा को 80 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव कर दें।
प्रश्न: चने में फूल आने से पहली सिंचाई कर सकते हैं क्या (प्रहलाद सिंह, नगीना)।
उत्तर: अगर हल्की दोमट मिट्टी है और उसमें चने की फसल उगाई जा रही है तो पहली सिंचाई कर सकते हैं।