2012 के दिल्ली गैंगरेप मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता की माँ बुधवार को अदालत में रो पड़ीं. अदालत ने नया डेथ वारंट की उनकी अपील पर सुनवाई गुरुवार तक के लिए टाल दी.
अदालत में आशा देवी का सब्र उस समय टूट गया जब अदालत ने एक अभियुक्त पवन गुप्ता को क़ानूनी सहायता देने के अनुरोध को स्वीकार कर लिया.
आशा देवी ने चारों अभियुक्तों के लिए नया डेथ वारंट जारी करने की माँग की और कहा, मैं यहाँ डेढ़ साल से आ रही हूँ और इंतज़ार कर रही हूँ कि वे कैसे क़ानूनी रास्तों का लाभ उठा रहे हैं. मेरे भी कुछ अधिकार हैं. मैं आपसे अनुरोध करती हूँ कि आप डेथ वारंट जारी करें.
पवन गुप्ता के पिता ने अदालत के सामने कहा था कि कोई भी वकील उनका मुक़दमा नहीं लड़ना चाहता इसलिए उन्हें और समय चाहिए.
अदालत ने इसके बाद उन्हें क़ानूनी सहायता देने की पेशकश की जिसपर पीड़िता के पिता ने आपत्ति की मगर न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने कहा कि उन्हें क़ानून का पालन करना है.